भोपाल में ट्रेनिंग-2

अगले दिन सुबह हम सब भोपाल घूमने गए, शॉपिंग भी की …

दूसरी विदाई

हाय दोस्तो, काम के सिलसिले में मुझे झारखण्ड के एक छ…

बुआ ने अपना पति माना

कैसे हो दोस्तो! यह मेरी पहली कहानी है। मेरा नाम नम…

रिसेप्शनिस्ट नैना की चुदाई

प्रेषक : रॉकी हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम रॉकी है। मैंने…

लिव इन कैरोल-3

प्रेषक : मुकेश कुमार दिन की घटना को सोच कर फिर उत्त…

असीमित सीमा-2

लेखक : जवाहर जैन दोनों के पहुँचने पर श्रद्धा ने सीम…

Ek Nayi Haseen Daastaan

Hello Friends ! Main Raj, fir haazir hu ek aur se…

काम की चाह-3

दूसरे दिन मेरा पूरा बदन दर्द हो रहा था मेरे पूरे ब…

हम भी इन्सान हैं-2

प्रेषक : सिद्धार्थ शर्मा मार्च अप्रैल में हमारे इम्तिहान…

माया मेम साब-3

प्रेषिका : स्लिमसीमा कहानी का दूसरा भाग : माया मेम…