बहन के साथ प्रेमलीला-7

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Bahan Ke Sath Prem-leela-7 प्रिया- साजन भाई ने नहाने के बाद वही लोअर पहना हुआ था जो उन्होंने रात को सोते समय पहना था और शायद उन्होंने अब भी लोअर के नीचे भी कुछ नहीं पहना था इसलिए तो मुझे उनके लोअर में उनका लण्ड अंगड़ाई लेता हुआ दिखा दे रहा था।

मैं भाई को चोर नजर से देख रही थी भाई बड़ी बेदर्दी से अपना लण्ड मसल रहे थे और मैं ये देखकर मन ही मन खुश होते हुए सोच रही थी कि अब मंजिल दूर नहीं है।

मैं साजन भाई को तड़पाने के लिए कुर्सी पर कुछ इस तरह से झुकी के उनको मेरी चूची पूरी नजर आ जाए साजन भाई को अपनी चूची दिखने के बाद मैंने एक नजर उनकी तरह देखा तो मैं भाई को देखकर मुस्कुरा दी। साजन भाई मेरी चूत और चूची को देखते हुए अपना लण्ड मसल रहे थे।

मैं- लण्ड मसलते हुए जब मुझे काफी देर हो गई और मुझे लगने लगा कि अगर में ऐसे ही मसलता रहूँगा तो मैं झड़ जाऊँगा और मेरा लोअर भी खराब हो जाएगा। मैं किसी से कुछ भी बिना बोले बाहर निकल आया और नीचे जाने लगा, मामा मामी के बाथरूम में मुठ मारने के लिए…

मैं अभी नीचे पहुंचकर मामा मामी के रूम में घुसने ही वाला था।

प्रिया- भाई को पता नहीं अचानक क्या हुआ वो बिना कुछ बोले बाहर निकल गए।

साजन भाई के कमरे से निकलते ही मैं भी उठकर उनके पीछे कमरे से बाहर निकल आई।

मैंने देखा भाई कमरे से निकल कर नीचे जा रहे है, मैं भी उनके पीछे पीछे हो ली।

भाई मेरे आगे आगे चल रहे थे और मैं उनके पीछे पीछे।

साजन भाई मम्मी पापा के रूम के अन्दर जा रहे थे कि तभी मैंने साजन भाई को आवाज लगाई।

तब तक भाई रूम के अन्दर घुस चुके थे, मेरी आवाज सुनकर वो रुक गए और उन्होंने पलट कर मेरी तरफ देखा तो भाई अभी भी अपने हाथ से अपने लण्ड को मसल रहे थे।

मैं भाई के करीब पहुंची तो उन्होंने अपना हाथ लण्ड से हटा लिया पर भाई का लण्ड खड़ा हुआ मुझे साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था।

भाई मेरी शर्ट के अन्दर से बाहर की ओर निकलते हुए बूब्स देखने लगे। भाई की आँखों में मुझे कुछ अजीब सा ही नशा नज़र आ रहा था।

मैं साजन- जब प्रिया ने मुझे पीछे से आवाज दी तो मैं समझ गया कि यह लड़की मुझसे चुदना चाह रही है इसलिए तो ये सब ड्रामा कर रही है। मैंने भी अब सोच लिया कि इससे साफ़ साफ़ बात कर ही लूँ। इसलिए जब वो मेरे नजदीक आई तो मैंने उसकी चूची को घूरते हुए पूछा- क्या बात है प्रिया?

प्रिया- भाई आप मुझे मसाज वाली वीडियो दिखने वाले थे वो कब दिखाओगे? और क्या आप मेरी मसाज भी कर दोगे?

मैं साजन- अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था मन तो कर रहा था अभी चोद दूँ, पर ऊपर मुकेश और पारुल थे इसलिए मैंने प्रिया को अभी चोदने का विचार छोड़ दिया पर मेरा लण्ड भी बहुत जोर मार रहा था इसलिए मैं उसकी खुली हुई एक चूची पर अपना हाथ रखते हुए बोला- प्रिया बस मसाज ही करवानी है या कुछ और भी?

इतना कह कर मैं चुप हो गया और हल्के हल्के हाथ से उसकी चूची दबाने लगा।

जैसे ही मैंने प्रिया के बूब्स को छुआ तो मुझे एक अलग ही आनन्द आया उसकी नर्म और मुलायम पर सख्त चूची को दबाने में मुझे मज़ा ही आ गया और मेरा लण्ड लोअर में ठुमके मारने लगा।

प्रिया- भाई का हाथ मेरे बूब्स पर पड़ा तो मैं सिहर गई, मेरा बदन कांपने लगा। साजन भाई के हाथों में पता नहीं क्या जादू था कि मैं उनके और भी करीब आ गई पर जैसे ही मैं साजन भाई के और करीब गई तो उन्होंने मेरी चूची जोर से दबा दी जिस कारण मेरी हल्की सी चीख निकल गई। पर वो इतनी भी तेज नहीं थी जोकि पारुल और मुकेश को सुनाई दे। जोर से चूची दबाने से मेरी चूची में हल्का सा दर्द हुआ तो मुझे होश आया और मैं भाई को बोली- साजन भाई, आप यह क्या कर रहे हो? मैं- तुझे पता है कि मैं क्या कर रहा हूँ पर तुमने अभी तक नहीं बताया जो मैंने पूछा था।

प्रिया- मुझे क्या पता है साजन भाई? और मैं तो बस आपसे मसाज की ही बात कर रही हूँ।

इतना कह कर मैं नीचे भाई के लण्ड को देखने लगी जो बार बार ऊपर नीचे हो रहा था।

मैंने भाई का हाथ अपनी चूची पर से हाथ नहीं हटाया क्योंकि मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था।

मैं- अच्छा बस मसाज की बात कर रही थी। तो ये क्या है?

इतना कहकर मैंने उसके दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथ से पकड़ा और उसको दिखने लगा।

प्रिया- भाई वो वो वो मुझे याद नहीं रहा शर्ट के बटन लगाना।

भाई अब मेरे दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथो से दबा रहे थे।

मैं साजन- मुझे पता है कि तुम झूठ बोल रही हो।

मैंने भी बात को ज्यादा न बढ़ाते हुए उसको साफ़ साफ़ कह दिया क्योंकि अब मेरे लण्ड में उतेजना के कारण बहुत दर्द हो रहा था। ‘प्रिया, मुझे पता है तुमने रात को मेरे साथ क्या क्या किया था तो फिर अब ये सब ड्रामा किस लिए?’ इतना कह कर मैंने उसके दोनों बूब्स को छोड़ कर उसकी पतली कमर पकड़ ली और उसको अपने बदन से चिपका लिया।

प्रिया- जैसे ही भाई ने कहा कि मुझे सब पता है तो मुझे बहुत शरम आई और मैंने अपनी नजरें झुका ली। फिर भाई ने मुझे अपने बदन से चिपका लिया तो भाई का लण्ड ठीक मेरी चूत सामने आ गया भाई का लण्ड मेरी चूत पर रगड़ता हुआ ऊपर नीचे हो रहा था। जिस कारण मेरी चूत भी गीली हो चुकी थी मेरी साँसें तेज होने की वजह से मेरे बूब्स साजन भाई के सीने को रगड़ रहे थे।

मैंने अपनी नजरों को नीचे किये हुए ही धीरे से बोला– भाई जब आपको रात को ही पता चल गया था और आप जाग गए थे तो आपने मुझे क्यों नहीं बताया?

मैं साजन- प्रिया का चेहरा अपने के हाथ से ऊपर उठाते हुए बोला– प्रिया, मेरी जान !

इतना कह कर मैं उसके होंठ चूमने लगा और प्रिया के नीचे वाले होंठों का रस पीने लगा, तो प्रिया भी मेरा साथ देने लगी और वो भी मेरा ऊपर का होंठ चूसने लगी।

कुछ देर उसके गुलाबी होंठों का रस पीने के बाद मैं प्रिया से बोला– पहले इसका कुछ इलाज कर!

यह कहते हुए उसका एक हाथ पकड़ा और अपने लण्ड पर रख दिया। और फिर कहा- बहुत देर से मेरा लण्ड खड़ा हुआ है इसलिए इसमें दर्द भी बहुत हो रहा है।

प्रिया- भाई ने अपना लण्ड मेरे हाथ में पकड़ा दिया तो अब कुछ कहने को बचा ही नहीं था।

साजन भाई का लण्ड मेरे हाथ में आते ही भाई का लण्ड और भी सख्त हो गया था।

अब मुझे पता था कि आगे क्या करना है मैंने भाई को मम्मी पापा के बेड पर बैठने का इशारा किया तो भाई मेरा इशारा समझ गए और बेड पर पैर लटका कर बैठ गए।

मैंने साजन भाई के लोअर को अपने हाथो से खोलकर नीचे कर दिया।

अब उनका लण्ड लोअर से बाहर आ गया क्योंकि उन्होंने नीचे तो कुछ पहना ही नहीं था।

मैंने साजन भाई को एक नजर देखा और फिर मैं उनकी टांगों के बीच नीचे घुटनों के बल जमीन पर बैठ गई।

मैं साजन- प्रिया ने मेरे लण्ड को अपने कोमल हाथ में लिया और मेरे लण्ड हिलाने लगी, मुझे उस वक़्त बहुत मज़ा आ रहा था। फिर प्रिया ने मेरे लण्ड के ऊपर की खाल नीचे कर के मेरे लण्ड को अपने मुँह में ले लिया और फिर उसको चूसने लगी। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ! उस वक़्त मुझे नशा सा होने लगा था। मुझे लगा कि मैं आकाश में सैर कर रहा था मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं ब्यान नहीं कर सकता था।

प्रिया ने अपने एक हाथ से मेरे लण्ड को पकड रखा था और दूसरा हाथ मेरी जाँघ पर रखा हुआ था।

प्रिया- मैं अपनी आँखें बंद किये हुए भाई का लण्ड चूस रही थी तो भाई का हाथ मेरे सर पर आया और मेरे सर के बाल को सहलाने लगे, भाई का हाथ मेरे सर पर आया तो मैंने अपनी आँखे खोली और उनका लण्ड चूसते हुए ही भाई को देखा तो उन्होंने अपनी आँखें बंद की हुई थी।

मैंने भाई का लण्ड एक ही बार चूसा था रात में, ओर अब यह दूसरी बार चूस रही थी पर एक बार के चूसने से ही मुझे भाई के लण्ड का स्वाद मुझे इतना भाया कि मन करता है कि बस चूसती ही रहूँ।

मैं भाई के लण्ड का सुपारा बहुत जोर से चूस रही थी और अपने एक हाथ से भाई का लण्ड सहला भी रही थी।

मैंने देखा भाई का लण्ड चूसने से वो मेरे थूक से पूरा गीला हो चुका था, तभी मुझे कुछ याद आया तो भाई का लण्ड मैंने अपने मुंह से निकाला तो भाई ने आँखें खोल कर मुझे देखा।

मैं साजन- क्या हुआ प्रिया? मेरा होने वाला था और जल्दी से चूसो कही कोई आ न जाए।

प्रिया- कोई नहीं आएगा भाई ! पारुल और मुकेश तो टी वी देख रहे हैं… पहले मुझे बताओ तो कि जब आपको रात को ही पता चल गया था और आप जाग गए थे तो आपने मुझे क्यों नहीं बताया, क्यों मुझे तड़पाते रहे अब तक?

मैं- ठीक है बाबा, बताता हूँ, तुम लण्ड चूसती रहो ! मेरा होने वाला है ! पर एक बात का ध्यान रखना तुम अपने होंठो से ही मेरे लण्ड को चूसो क्योंकि तुम्हारे दांत मेरे लण्ड को लगते हैं तो मुझे दर्द होता है।

प्रिया मुस्कुराती हुई- ठीक है भाई !

और फिर भाई के लण्ड को मुठ मारते हुए अपने गुलाबी होंठ भाई के लण्ड पर रखकर उसका टोपा चूसने लगी।

मैं साजन- जब रात को तुमने मेरे लण्ड को छुआ और उसको चूसा तो मैं तभी जाग गया था। अगर उस वक़्त तुमको पता चल जाता कि मैं जाग रहा हूँ तो तुम वो सब नहीं करती जो तुमने रात को किया और जो अब तुम कर रही हो। और फिर जो मज़ा तुमको रात आया वो तुमको कभी नहीं आता ! और एक बात और है, अगर उस वक़्त मैं बता देता कि मैं जाग रहा हूँ तो शायद ही हम एक दूसरे के साथ खुल पाते… आआअह्ह्ह… बस ऐसे ही चूसती रहो। वैसे रात तुमको मज़ा तो बहुत आया होगा।

प्रिया ने भाई का लण्ड अपने मुंह से निकलते हुए कहा- हाँ भाई, आप सच कह रहे हो, शायद ही हम इतनी जल्दी आपस में खुल पाते।

मैं साजन- अरे अरे… बाहर क्यों निकाल दिया… मेरा होने ही वाला था… चूसो मेरी बहना जल्दी से…

इतना सुनकर प्रिया फिर से मेरा लण्ड चूसने लगी और अपने हाथ से मेरा लण्ड भी हिलती जा रही थी।

कुछ ही देर बाद मेरा माल निकलने को हुआ तो मैंने प्रिया से पूछा- मेरा निकलने वाला है।

तो उसने इशारे से कहा- निकाल दो मेरे मुंह में ही !

और फिर ‘आआअह्ह्हा आआआआअ’ मेरे लण्ड से पानी निकलने लगा।

तभी मैंने प्रिया का सर अपने लण्ड पर दबा दिया जिस की वजह से मेरा आधे से ज्यादा लण्ड प्रिया के गले में उतर गया और तब तक दबाये रखा जब तक कि पूरा लण्ड खाली न हो गया।

प्रिया- जब भाई ने मेरा सर अपने लण्ड पर दबाया तो वो मेरे हलक में आ गया और तभी भाई के लण्ड से पानी निकल कर मेरे गले के अन्दर आने लगा जब भाई का लण्ड खाली हो गया तो भाई के हाथ का दबाव मेरे सर पर कम हुआ तो मैंने भाई का लण्ड अपने मुंह से निकाला और अपनी साँसों को नियंत्रण करती हुई बोली– भाई मारने का इरादा है क्या आज तुम्हारा?

मेरी बात सुनकर बस भाई मुस्कुरा दिए और बोले कुछ नहीं।

फिर मैंने देखा भाई के लण्ड पर अभी भी कुछ बूंदें माल की उनके लण्ड पर रह गई थी। इसलिए मैंने अपनी जीभ निकली और भाई का लण्ड चाट चाट कर साफ़ कर दिया क्योंकि मैं अपने भाई का माल बर्बाद नहीं होने दे सकती थी।

मैं साजन- उसके बाद मैंने अपना लोअर ठीक किया और प्रिया से बोला– अब ऊपर चलते है क्योंकि हमें बहुत देर हो गई है।

प्रिया- हाँ भाई, ऊपर चलते हैं बहुत देर हो गई हैं। पर एक बात तो बताओ आप मेरी मसाज कब करोगे? कहानी जारी रहेगी।

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