सविता भाभी कॉलेज गर्ल सावी के रूप में

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साथियो, आप सभी की मस्त सविता भाभी आज फिर आपके बीच में हैं, उनकी कामुक जवानी की चुदाई की रसभरी कहानियों में से एक कहानी प्रस्तुत है।

एक दिन फुर्सत के क्षणों में सविता भाभी अपने घर पर अपनी बचपन की सहेली उपासना के साथ बैठी चाय की चुस्कियां ले रही थीं, उन दोनों में पुराने बीते दिनों की याद को लेकर चर्चा हो रही थी।

सविता भाभी- उपासना तुमसे दुबारा मिल कर बहुत प्रसन्नता हुई.. इसी तरह चाय आदि के बहाने मिलते रहना चाहिए। उपासना- हाँ यार मैं मानती हूँ हम दोनों कॉलेज में अच्छी सहेलियां हुआ करती थीं। सविता भाभी- हाँ कितने अच्छे दिन थे वे.. हम खूब मस्ती किया करते थे।

उपासना- हाँ कॉलेज के आखिरी दिनों में बहुत ही ज्यादा मस्तियाँ बढ़ गई थीं.. मुझे तो लगता ही नहीं था कि तू स्नातक कैसे हो पाएगी। तू गणित में बहुत फेल थी.. पर कैसे पास हो गई मुझे आज भी आश्चर्य है।

सविता भाभी- अरे वो एक रोचक कहानी है.. तब मैंने तुझे बताया नहीं था.. अब सुनना चाहोगी.. कि वो सब कैसे हुआ था? उपासना- बिल्कुल सुनना चाहती हूँ.. मुझे मालूम है कि तू बड़ी चालू थी.. पर मुझे हर बार हैरानी होती थी कि वो खड़ूस प्रोफेसर तुम्हें कैसे पास कर देता था।

सविता भाभी- तो सुन!

सविता भाभी अपनी सहेली उपासना को अपने कॉलेज के समय का वो किस्सा सुनाने लगीं.. जब उन्होंने उस गणित के प्रोफेसर को पटा कर खुद को पास करवाया था।

उस दिन जब सविता भाभी को मालूम हुआ कि वो गणित में फेल हो गई हैं, तो वे गणित के प्रोफेसर से मिलने उनके कमरे में गईं, कमरे के बाहर से सविता भाभी ने दरवाजा खटखटाया।

सविता भाभी यानि कॉलज गर्ल सावी उस समय कॉलेज ड्रेस स्कर्ट-टॉप में थीं। अन्दर से आवाज आई- अन्दर आ जाओ।

सावी- सर नमस्ते.. क्या मैं आपसे अपने नम्बरों के बारे में आपसे कुछ बात कर सकती हूँ? प्रोफेसर- हाँ.. अन्दर आओ.. बैठो। सावी- सर मैं अपने नम्बरों को लेकर बहुत चिंतित हूँ.. मुझे स्नातक बनने के लिए अच्छे नम्बरों की आवश्यकता है।

प्रोफेसर ने सविता की अंक तालिका देखते हुए कहा- सविता मुझे दु:ख है कि तुम फेल हो जाओगी। क्योंकि तुम्हारी अंकतालिका देख कर पता चलता है कि तुम कभी होमवर्क नहीं करती हो। तुम पहली दो परीक्षाओं में भी फेल हो।

सविता भाभी ने उठ कर प्रोफेसर की तरफ झुकते हुए कहा- सर प्लीज़.. क्या कुछ नहीं हो सकता? ‘मैं कुछ नहीं कर सकता सविता..’

अब सविता सोचने लगी कि मुझे इसको पटाने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। अगर ये कुछ नहीं कर सकता है तो मुझे ही कुछ करना पड़ेगा।

‘तुम जा सकती हो सविता.. सॉरी मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता हूँ!’

सविता कमरे के दरवाजे के पास गई और दरवाजे की कुंडी लगाने लगी।

‘यह क्या कर रही हो तुम?’ सविता ने अपनी शर्ट के ऊपर के बटन खोले और अपनी मदमस्त चूचियों का नजारा पेश करते हुए सर के पास वापस आई।

सविता ने अपनी शर्ट को खोलते हुए अपने रसीले मम्मों की झलक दिखाते हुए प्रोफेसर से कहा- सर.. मैं कुछ भी करूँगी.. जो आप कहेंगे.. मैं करने को तैयार हूँ।

प्रोफेसर की आंखों में कामुकता झलकने लगी ‘मुझे खेद है सविता.. अब बहुत देर हो चुकी है.. अच्छे नम्बर पाने के लिए अब तुम कुछ नहीं कर सकती हो।’

सविता भाभी ने अपने दूध प्रोफेसर की छाती से सटा दिए और बोली- आपको नहीं पता.. लेकिन मुझे पता है कि मैं क्या-क्या कर सकती हूँ।

सविता ने ये कहते हुए प्रोफेसर के हाथ को पकड़ कर अपने मम्मों पर रख लिए।

‘य..ये.. क्या कर रही हो सविता..?’ प्रोफेसर ने एकदम से अचकचा कर कहा।

अब सविता ने कामुकता से भरे स्वर में कहा- आओ सर.. देखो मेरी मदमस्त जवानी को.. इसको आप क्लास में बड़ी हसरत से देखते थे न.. लो छू कर देखो मेरे मम्मे कितने गर्म हैं।

प्रोफेसर सविता की कामुक जवानी के फंदे में फंस चुका था। वो अब भी अपना भय जाहिर कर रहा था- लेकिन सविता हम फंस सकते हैं।

सविता ने अब नीचे बैठते हुए प्रोफेसर के लंड पर निगाह गड़ा दी और उनको कुर्सी पर धकेलते हुए कहा- सर आप चिंता मत करो.. आप तो बस मेरी जवानी के मजे लो।

सर का लौड़ा एकदम सख्त हो चुका था.. सविता ने उनकी पैन्ट के ऊपर से ही लंड सहलाते हुए कहा- आपका लौड़ा पूरा सख्त हो गया है.. क्या मैं इसकी कुछ मदद करूँ? प्रोफेसर कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे।

सविता ने लौड़ा सहलाते हुए पूछा- क्या आपको मेरा इस तरह लौड़ा सहलाना अच्छा लग रहा है? सर आपका लंड मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे पता है कि आप मुझे पाना चाहते हो.. मैं आपका सपना पूरा कर रही हूँ।

सविता ने सर के लंड को जबदस्त तरीके से सहलाना शुरू कर दिया था, लंड ने उनकी पैन्ट में तम्बू बना दिया था।

उनके मुँह से कामोत्तेजित आवाजें निकलने लगी थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… सविता, क्या तुम मुझे अपने निप्पल दिखाओगी?

सविता तो मानो कपड़े उतारने ही बैठी थी। उसने अपनी शर्ट के सभी बटन खोल दिए और सविता की कामुक जवानी सर के सामने अपना जलवा दिखाने लगी।

सविता की भारी चूची सर के लंड की आग को भड़का रहे थे।

‘सर.. क्या आप अपना लंड मेरी चूचियों पर रगड़ेंगे?’ यह कहते हुए सविता ने सर की पैन्ट को खोल दिया और उनके लंड को चड्डी में बाहर खींच लिया।

‘सर.. अब देखिए मैं किस तरह आपके लंड को चूचियों में फंसा कर आपको मजा देती हूँ।’ सर- आह्ह.. सविता हाँ मेरे लंड को अपनी चूचियों के बीच में दबा कर रगड़ दो.. आह्ह.. बहुत मजा आ रहा है।

दोस्तो, इस तरह से जितना मजा आ रहा है न.. उससे कहीं अधिक मजा इस कहानी को सचित्र देखते हुए पढ़ने में आएगा। किस तरह से सविता ने अपनी चूचियों के बीच सर के लंड को फंसा लिया और उसके बाद सर के लंड को दबा कर चूसा।

चुदाई तो होनी ही थी.. लेकिन चुदाई के दौरान सविता ने किस तरह से किन-किन आसनों में सर के लंड से अपनी चूत की खुजली मिटवाई और कितनी बार सर ने सविता को चोदा। ये सब आप सविता भाभी की कामुक चित्रकथा में देखते हुए पढ़ सकेंगे।

क्या सर ने सविता को पास किया? या और भी कोई मांग थी जो सविता ने पूरी की।

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